कल्पना कीजिए कि किसी ऐसी जगह पर आप रहते हैं जहां बारिश बहुत कम होती है, जमीन सूखी है और पानी के प्राकृतिक स्रोत भी सीमित हैं। ऐसे में अगर कोई आपसे कहे कि हवा से पानी इकट्ठा किया जा सकता है, तो शायद आपको यकीन न हो। लेकिन दुनिया के कुछ ऐसे इलाकों में यह तकनीक वास्तव में इस्तेमाल की जा रही है।
दक्षिण अमेरिका के देश Peru के कुछ तटीय और शुष्क इलाकों में वातावरण में मौजूद कोहरे यानी fog से पानी इकट्ठा करने के लिए विशेष जाल लगाए जाते हैं। इस तकनीक को Fog Harvesting कहा जाता है। देखने में यह सिस्टम काफी साधारण लगता है—एक बड़ा जाल, हवा और धुंध—लेकिन इसके पीछे विज्ञान बेहद दिलचस्प है।
Peru में पानी की समस्या और Fog Harvesting
Peru का कुछ तटीय क्षेत्र बेहद शुष्क है। खासकर राजधानी Lima के आसपास के कुछ इलाकों में बारिश बहुत कम होती है, लेकिन समुद्र से आने वाली नम हवा और कोहरा कई महीनों तक वातावरण में मौजूद रह सकता है।
यही कोहरा यहां पानी का एक संभावित स्रोत बन जाता है।
Fog वास्तव में हवा में मौजूद बहुत छोटी-छोटी पानी की बूंदों का समूह होता है। ये बूंदें इतनी छोटी होती हैं कि हवा में तैरती रहती हैं। Fog harvesting में इसी प्राकृतिक नमी को पकड़ने की कोशिश की जाती है।
इसके लिए पहाड़ी या ऐसे स्थानों पर बड़े-बड़े fog nets लगाए जाते हैं जहां हवा के साथ लगातार कोहरा गुजरता है।
Water Drop Net कैसे काम करता है?
इस तकनीक का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा एक विशेष जाल होता है। इसे आमतौर पर हवा की दिशा में इस तरह लगाया जाता है कि fog सीधे इसके अंदर से गुजरे।
जब कोहरे में मौजूद छोटी पानी की बूंदें जाल के रेशों से टकराती हैं, तो वे जाल की सतह पर चिपक जाती हैं। धीरे-धीरे कई छोटी बूंदें आपस में मिलकर बड़ी बूंदों का रूप लेने लगती हैं।
जब बूंदें पर्याप्त बड़ी और भारी हो जाती हैं, तो gravity के कारण वे जाल से नीचे की ओर बहने लगती हैं।
जाल के नीचे एक collection system लगाया जाता है, जो इन बूंदों को इकट्ठा करता है। इस तरह हवा में मौजूद पानी की बेहद छोटी बूंदों को एकत्र करके पानी प्राप्त किया जाता है।
यानी यहां कोई मोटर हवा को खींच नहीं रही होती और न ही पानी बनाने के लिए किसी बड़े power plant की जरूरत होती है। सही मौसम और पर्याप्त fog होने पर प्राकृतिक हवा ही इस सिस्टम का मुख्य माध्यम बन जाती है।
क्या यह सच में हवा से पानी बनाता है?
यह समझना बहुत जरूरी है कि Fog Harvesting हवा से पानी पैदा नहीं करता।
दरअसल, हवा में पहले से मौजूद पानी की बूंदों को जाल के माध्यम से capture किया जाता है।
इसे आप ऐसे समझ सकते हैं जैसे सुबह घास पर ओस की बूंदें जमा होती हैं। हवा में मौजूद नमी किसी सतह से मिलती है और बूंदों के रूप में जमा होने लगती है।
Fog net इसी प्राकृतिक प्रक्रिया को बड़े पैमाने पर इस्तेमाल करने की कोशिश करता है।
इसलिए इसे water from air कहना आम बोलचाल में सही लग सकता है, लेकिन वैज्ञानिक रूप से यह atmospheric moisture या fog droplets की collection है।
एक जाल कितना पानी इकट्ठा कर सकता है?
यह सवाल बहुत दिलचस्प है, लेकिन इसका कोई एक निश्चित जवाब नहीं है।
Fog net से मिलने वाले पानी की मात्रा कई चीजों पर निर्भर करती है—जैसे fog की density, हवा की speed, जाल का design, जाल का आकार, मौसम और उसकी location।
अगर किसी क्षेत्र में घना कोहरा लगातार आता है, तो एक बड़ा fog collection system काफी मात्रा में पानी इकट्ठा कर सकता है। लेकिन अगर fog बहुत कम हो या हवा में पानी की बूंदें कम हों, तो collection भी कम होगा।
इसलिए यह तकनीक हर जगह समान रूप से प्रभावी नहीं हो सकती।
Peru में यह तकनीक खास क्यों है?
Peru के कुछ शुष्क तटीय क्षेत्रों की सबसे बड़ी खासियत यही है कि वहां बारिश कम लेकिन fog काफी मौजूद हो सकता है।
यानी सामान्य rainwater harvesting के लिए जहां पर्याप्त बारिश नहीं मिलती, वहां fog harvesting एक वैकल्पिक तरीका बन सकता है।
कुछ समुदायों और परियोजनाओं ने fog nets का इस्तेमाल स्थानीय जरूरतों के लिए पानी जुटाने के उद्देश्य से किया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि सिस्टम को सही परिस्थितियों में अपेक्षाकृत कम ऊर्जा के साथ चलाया जा सकता है।
यह खासकर उन जगहों के लिए उपयोगी विचार हो सकता है जहां पानी की कमी है लेकिन वातावरण में लगातार fog मौजूद रहती है।
क्या इस पानी को सीधे पी सकते हैं?
यह भी एक महत्वपूर्ण सवाल है।
Fog से इकट्ठा किया गया पानी दिखाई देने में साफ हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह अपने आप drinking water के लिए सुरक्षित है।
जाल, हवा, वातावरण और collection system से विभिन्न प्रकार के particles या contaminants पानी में आ सकते हैं। इसलिए यदि पानी को पीने के लिए इस्तेमाल करना हो, तो उसे उचित तरीके से filter और treat करना जरूरी हो सकता है।
इसलिए Fog Harvesting को सीधे “पीने योग्य पानी बनाने वाली मशीन” समझना सही नहीं होगा। यह मुख्य रूप से पानी के एक स्रोत को collect करने की तकनीक है।
क्या Fog Harvesting भारत में भी काम कर सकता है?
सैद्धांतिक रूप से हां, लेकिन इसके लिए सबसे जरूरी चीज है—पर्याप्त और नियमित fog।
भारत के कुछ पहाड़ी, तटीय और ऐसे क्षेत्र जहां लंबे समय तक कोहरा रहता है, वहां इस तरह की तकनीक का अध्ययन किया जा सकता है। हालांकि किसी स्थान पर इसे लगाने से पहले स्थानीय climate, humidity, wind pattern और fog frequency का वैज्ञानिक अध्ययन करना जरूरी होगा।
यानी केवल जाल लगा देने से पानी नहीं मिलेगा। Location selection इस technology की सफलता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा क्या है?
Fog harvesting की सबसे खास बात इसकी simplicity है।
इसमें पानी को जमीन के नीचे से pump करने की जरूरत नहीं होती। कई designs में बिजली की जरूरत भी बहुत कम या लगभग नहीं होती। हवा और fog प्राकृतिक रूप से जाल के संपर्क में आते हैं और पानी gravity के जरिए नीचे collection system तक पहुंच सकता है।
इसके अलावा, यह renewable atmospheric moisture का उपयोग करता है और सही परिस्थितियों में पानी की कमी से जूझ रहे समुदायों के लिए एक अतिरिक्त स्रोत बन सकता है।
भविष्य में पानी की समस्या का समाधान?
दुनिया के कई हिस्सों में पानी की मांग बढ़ रही है और climate change के कारण कुछ क्षेत्रों में water availability पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में Fog Harvesting जैसी technologies दिलचस्प विकल्प प्रस्तुत करती हैं।
हालांकि यह कोई universal solution नहीं है। जहां fog नहीं है, वहां fog net भी काम नहीं करेगा। लेकिन जहां लगातार fog मौजूद है, वहां आसमान में दिखाई देने वाली उस धुंध को एक उपयोगी water resource में बदलने का विचार बेहद स्मार्ट है।