समुद्र जितना गहरा है, उतने ही गहरे उसके राज़ भी छिपे हुए हैं। इन्हीं रहस्यों में से एक है Ambergris – जिसे आम भाषा में Whale Vomit यानी व्हेल की उल्टी कहा जाता है। सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन यह कचरा करोड़ों की कीमत रखता है।
Ambergris कैसे बनता है?
स्पर्म व्हेल (Sperm Whale) जब समुद्र की गहराइयों में Squid खाती है, तो उसके शरीर को इन्हें पचाने में परेशानी होती है। स्क्विड की चोंच जैसी कठोर चीज़ें व्हेल के पेट में जलन और घाव पैदा करती हैं। इस जलन को कम करने के लिए व्हेल अपने पेट में एक खास फैटी पदार्थ (Fatty Substance) छोड़ती है। यही पदार्थ धीरे-धीरे बाहर निकलकर समुद्र की लहरों में तैरता है।
समय बीतने के साथ यह पदार्थ मोम जैसा कठोर और पत्थर जैसा बन जाता है। यही है Ambergris।
Ambergris इतना कीमती क्यों है?
Ambergris को दुनिया में Floating Gold यानी “तैरता सोना” कहा जाता है। इसकी कीमत इतनी अधिक इसलिए है क्योंकि –
- इसका इस्तेमाल महंगे परफ्यूम बनाने में होता है।
- यह परफ्यूम की खुशबू को लंबे समय तक टिकाने में मदद करता है।
- इसकी प्राकृतिक खुशबू बहुत ही अनोखी और आकर्षक होती है।
यही कारण है कि Ambergris आज भी परफ्यूम इंडस्ट्री में एक बेशकीमती खजाने की तरह माना जाता है।
Ambergris की कीमत
Ambergris की कीमत उसकी क्वालिटी और साइज पर निर्भर करती है। रिपोर्ट्स के अनुसार इसकी कीमत लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक हो सकती है। दुनिया भर में इसे ढूंढ पाना आसान नहीं है क्योंकि यह सिर्फ समुद्र में तैरता हुआ मिलता है।
Ambergris का उपयोग कहाँ होता है?
- परफ्यूम इंडस्ट्री – लंबे समय तक टिकने वाले महंगे परफ्यूम बनाने में।
- प्राचीन चिकित्सा – कुछ जगहों पर इसे दवाइयों में भी इस्तेमाल किया जाता था।
- लक्ज़री प्रोडक्ट्स – खास खुशबू और महंगे प्रोडक्ट्स बनाने में।
निष्कर्ष
Ambergris यानी व्हेल का कचरा वास्तव में एक प्राकृतिक खजाना है। यह हमें यह सिखाता है कि प्रकृति की हर चीज़ की कोई न कोई अहमियत होती है। जिस चीज़ को हम बेकार समझते हैं, वही कभी-कभी करोड़ों की कीमत रखती है।