क्यों बिल्ली अपने बच्चे की गर्दन पकड़ते ही वो शांत हो जाता है? | Why Do Kittens Go Limp When Their Mother Picks Them Up?

क्या आपने कभी देखा है कि जब मां बिल्ली अपने बच्चे की गर्दन के पीछे से पकड़ती है, तो वो बच्चा अचानक पूरी तरह शांत हो जाता है — जैसे कि बेहोश हो गया हो? यह दृश्य जितना प्यारा लगता है, उतना ही रहस्यमय भी है। लेकिन इसके पीछे एक बेहद दिलचस्प वैज्ञानिक कारण (scientific reason) छिपा है।

1. मां बिल्ली ऐसा क्यों करती है?

प्रकृति ने हर जीव में अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए कुछ विशेष प्रवृत्तियाँ (instincts) दी हैं।
मां बिल्ली (Mother Cat) जब अपने बच्चों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाती है, तो वो उनके गर्दन के पीछे की त्वचा (scruff) को हल्के से पकड़कर उठाती है। यह जगह ऐसी होती है जहाँ बच्चे को दर्द नहीं होता और उसकी नसों पर खास असर पड़ता है।

2. बच्चा शांत या बेहोश क्यों हो जाता है?

जब मां बिल्ली बच्चे की गर्दन के पीछे की त्वचा पकड़ती है, तो बच्चे के दिमाग में एक विशेष “Scruff Reflex” सक्रिय हो जाता है।
यह एक प्राकृतिक प्रतिक्रिया (reflex action) होती है, जो बच्चे को तुरंत “immobilize” यानी शांत कर देती है।
इससे बच्चा हिलना-डुलना बंद कर देता है ताकि मां उसे सुरक्षित तरीके से कहीं भी ले जा सके।
असल में यह “बेहोश” नहीं होता, बल्कि यह प्रकृति का बनाया सेफ्टी सिस्टम है।

3. यह रिफ्लेक्स कब तक रहता है?

यह रिफ्लेक्स केवल कुछ हफ्तों तक ही काम करता है, जब तक बिल्ली का बच्चा छोटा और कमजोर होता है।
जैसे-जैसे बच्चा बड़ा होता है, उसका शरीर मजबूत होता जाता है और यह scruff reflex धीरे-धीरे खत्म हो जाता है।
वयस्क बिल्लियाँ (adult cats) इस पकड़ से वैसे रिएक्ट नहीं करतीं, बल्कि उन्हें दर्द या डर भी महसूस हो सकता है।

4. क्या इंसानों को ऐसा करना चाहिए?

कई लोग मां बिल्ली की तरह बिल्लियों को गर्दन से पकड़ने की कोशिश करते हैं, लेकिन यह बहुत गलत है।
मां बिल्ली जब ऐसा करती है तो वह अपने बच्चे की त्वचा को बेहद सावधानी से पकड़ती है, और उसका वजन भी हल्का होता है।
वहीं, इंसानों की पकड़ ज्यादा सख्त हो सकती है, जिससे बिल्ली को दर्द या डर लग सकता है।
इसलिए, कभी भी किसी बिल्ली को गर्दन से पकड़कर न उठाएँ।

5. मां और बच्चे के बीच का बंधन

यह क्रिया केवल शारीरिक नहीं बल्कि भावनात्मक बंधन (emotional bond) का प्रतीक भी है।
जब मां बिल्ली अपने बच्चे को उठाती है, तो बच्चा खुद को सुरक्षित और संरक्षित महसूस करता है।
यह एक “trust signal” होता है जो मां और बच्चे के बीच गहरा संबंध बनाता है।

6. इसके पीछे का विज्ञान (The Science Behind It)

वैज्ञानिकों के अनुसार, बिल्ली के बच्चे की गर्दन के पीछे की त्वचा में संवेदनशील नसें (nerve endings) होती हैं, जो मां की पकड़ से जुड़े विशेष रिसेप्टर्स को एक्टिव करती हैं।
ये रिसेप्टर्स बच्चे के ब्रेन को संकेत देते हैं कि उसे शांत रहना है और हिलना नहीं है।
इसे एक तरह का neuro-chemical response कहा जा सकता है, जो मां के स्पर्श से ट्रिगर होता है।

7. गलतफहमी: क्या वो बेहोश होता है?

नहीं! बिलकुल नहीं।
बिल्ली का बच्चा “बेहोश” नहीं होता बल्कि सिर्फ पैसिव (Passive Mode) में चला जाता है — मतलब उसका शरीर रिलैक्स हो जाता है ताकि उसे गिरने या चोट लगने का खतरा न हो।
यह प्रकृति का बहुत सुंदर और सुरक्षित तरीका है मां के लिए अपने बच्चों को सुरक्षित रखने का।

8. निष्कर्ष (Conclusion)

तो अब आप जानते हैं — जब मां बिल्ली अपने बच्चे की गर्दन पकड़ती है और बच्चा शांत हो जाता है, तो वह डर या दर्द से नहीं बल्कि मां की सुरक्षा भावना (maternal instinct) और प्रकृति की स्मार्ट डिजाइन (natural design) की वजह से होता है।
यह बिल्ली के जीवन चक्र का एक सुंदर और सुरक्षित हिस्सा है।
प्रकृति ने हर जीव में अपने बच्चों को सुरक्षित रखने के अनोखे तरीके दिए हैं — और मां बिल्ली का यह तरीका उन सबसे प्यारा और अद्भुत है।

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