Docking Fenders Technology | डॉकिंग फेंडर्स कैसे भारी शिप को टूटने और हादसों से बचाते हैं

समुद्र में सफर करने वाले जहाज़ सिर्फ पानी में नहीं चलते, उन्हें सुरक्षित तरीके से बंदरगाह (Port) पर लाने और रोकने के लिए खास तकनीक की ज़रूरत होती है। इनमें से एक सबसे अहम तकनीक है — Docking Fenders। ये ऐसे सेफ्टी डिवाइस हैं जो डॉकिंग के समय जहाज़ और बंदरगाह को टकराव से बचाते हैं।

Docking Fenders क्या हैं?

Docking Fenders एक तरह के शॉक-एब्जॉर्बर (Shock Absorber) होते हैं जो जहाज़ के डॉक से टकराने पर उसकी ऊर्जा को सोख लेते हैं और दोनों के बीच कुशन जैसा सुरक्षा कवच बनाते हैं।

ये कैसे काम करते हैं?

जब भारी जहाज़ डॉक के पास आता है, तो पानी की लहरों और हवा की वजह से उसकी रफ्तार को 100% कंट्रोल करना मुश्किल होता है।
इस समय Docking Fender जहाज़ और डॉक के बीच फिट होकर टक्कर की इम्पैक्ट एनर्जी को कम कर देता है।
इसका निर्माण ऐसे मटेरियल से होता है जो दबाव झेल सके और तुरंत अपनी मूल शेप में लौट आए।

Docking Fenders के प्रकार

  1. Rubber Fenders – मजबूत रबर से बने, ज्यादातर छोटे और मीडियम साइज जहाज़ों में।
  2. Pneumatic Fenders – हवा से भरे बड़े सिलेंडर, जो बड़े कार्गो और ऑयल टैंकर में।
  3. Floating Fenders – पानी की सतह पर तैरते, बदलते पानी के लेवल के अनुसार काम करने वाले।

Docking Fenders के फायदे

  • जहाज़ और डॉक को महंगे नुकसान से बचाना
  • समुद्री हादसों को रोकना
  • डॉकिंग प्रक्रिया को सुरक्षित और तेज बनाना
  • मेंटेनेंस कॉस्ट को कम करना

Docking Fenders का महत्व समुद्री सुरक्षा में

अगर Docking Fenders न हों, तो एक हल्की सी टक्कर भी करोड़ों रुपये का नुकसान कर सकती है। खासतौर पर कार्गो शिप और टैंकर जिनका वजन लाखों टन होता है, उनके लिए यह तकनीक लाइफ-सेवर है।

निष्कर्ष

Docking Fenders Technology

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