ब्लड पिनिंग सेरेमनी क्या होती है? | What is Blood Pinning Ceremony in Army Promotion

सेना की दुनिया अनुशासन, सम्मान और परंपराओं से भरी होती है। जब कोई सैनिक या अधिकारी प्रमोशन पाता है, तो उसके जीवन का वह पल बेहद गर्व और जिम्मेदारी से जुड़ा होता है। कई बार आपने वीडियो या फोटो में देखा होगा कि प्रमोशन के समय अधिकारी के सीने पर नया रैंक बैज जोर से दबाकर पिन किया जाता है। इस प्रक्रिया को आम बोलचाल में ब्लड पिनिंग सेरेमनी कहा जाता है।

लेकिन क्या यह सच में कोई आधिकारिक नियम है? क्या इसका मतलब दर्द देना है? आइए इस परंपरा का पूरा सच समझते हैं।

ब्लड पिनिंग सेरेमनी क्या है

ब्लड पिनिंग एक अनौपचारिक सैन्य परंपरा है जिसमें प्रमोशन पाने वाले अधिकारी या सैनिक के यूनिफॉर्म पर नया रैंक बैज साथी सैनिक या वरिष्ठ अधिकारी जोर से दबाकर लगाते हैं। कभी-कभी इसे हल्के से मुक्का मारकर भी फिक्स किया जाता है।

इसका उद्देश्य चोट पहुँचाना नहीं बल्कि यह दिखाना होता है कि नया पद सिर्फ सम्मान नहीं बल्कि जिम्मेदारी और त्याग का प्रतीक है।

इस परंपरा का प्रतीकात्मक मतलब

1. दर्द और गर्व का संबंध

सेना में हर उपलब्धि कठिन मेहनत और संघर्ष से मिलती है। बैज दबाने की यह परंपरा दिखाती है कि पद के साथ आने वाली जिम्मेदारियाँ आसान नहीं होतीं।

2. भाईचारे का संकेत

जब साथी सैनिक बैज पिन करते हैं, तो यह संदेश होता है कि अब आप टीम के भरोसेमंद लीडर हैं और हम आपके साथ खड़े हैं।

3. बलिदान की याद

यह परंपरा सैनिक को याद दिलाती है कि देश सेवा में दर्द, जोखिम और त्याग हमेशा साथ रहेगा।

क्या ब्लड पिनिंग आधिकारिक नियम है?

महत्वपूर्ण बात यह है कि ब्लड पिनिंग ज्यादातर सेनाओं में ऑफिशियल नियम नहीं है। यह यूनिट या ग्रुप की परंपरा पर निर्भर करता है।

कई आधुनिक सैन्य संगठनों ने सुरक्षा कारणों से इस प्रथा को सीमित या बंद भी कर दिया है। आधिकारिक प्रमोशन समारोह में सामान्य तरीके से बैज लगाया जाता है।

इसलिए जहां यह परंपरा दिखती है, वह अधिकतर भावनात्मक और अनौपचारिक होती है, न कि अनिवार्य।

किन देशों में यह परंपरा देखी गई है

ब्लड पिनिंग की चर्चा खासकर कुछ यूनिट्स में देखने को मिली है:

  • अमेरिका की कुछ सैन्य यूनिट्स
  • मरीन और एयरफोर्स की अनौपचारिक परंपराएँ
  • कुछ अन्य देशों की ट्रेनिंग यूनिट्स

भारत में भी कई बार प्रमोशन के दौरान साथी सैनिक उत्साह में बैज दबाकर लगाते दिखते हैं, लेकिन यह आधिकारिक नियम नहीं है।

समारोह के समय माहौल कैसा होता है

प्रमोशन समारोह सेना के सबसे भावनात्मक पलों में से एक होता है।

  • नया रैंक पहनने का गर्व
  • परिवार और साथियों की खुशी
  • वरिष्ठ अधिकारियों की शुभकामनाएँ
  • टीम का सम्मान और सलामी

इन सबके बीच अगर ब्लड पिनिंग होती है, तो वह उस पल को और यादगार बना देती है।

क्यों यह परंपरा सोशल मीडिया पर वायरल होती है

आजकल ब्लड पिनिंग के वीडियो अक्सर वायरल होते हैं क्योंकि:

  • यह भावनात्मक और प्रेरणादायक होते हैं
  • सैनिकों का भाईचारा दिखता है
  • प्रमोशन का गर्व साफ नजर आता है
  • दर्शकों को सेना की सच्ची जिंदगी की झलक मिलती है

इस वजह से लोग इस परंपरा के पीछे की कहानी जानना चाहते हैं।

क्या यह सुरक्षित है?

हाल के वर्षों में सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कई सैन्य संस्थानों ने सख्त नियम बनाए हैं।

अगर बैज बहुत जोर से दबाया जाए तो:

  • त्वचा में चोट लग सकती है
  • यूनिफॉर्म खराब हो सकती है
  • संक्रमण का खतरा हो सकता है

इसलिए अब अधिकतर जगह यह परंपरा प्रतीकात्मक या हल्के तरीके से निभाई जाती है।

निष्कर्ष

ब्लड पिनिंग सेरेमनी सेना की एक भावनात्मक और प्रतीकात्मक परंपरा है, जो दर्द नहीं बल्कि जिम्मेदारी, गर्व और भाईचारे का संदेश देती है। हालांकि यह आधिकारिक नियम नहीं है, फिर भी कई जगह इसे सम्मान और उत्साह के साथ निभाया जाता है।

सेना में प्रमोशन सिर्फ नया बैज नहीं, बल्कि देश सेवा की नई जिम्मेदारी का प्रतीक होता है। यही कारण है कि यह पल सैनिकों के लिए जीवनभर यादगार बन जाता है।

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