अंगोरा खरगोश अपनी बेहद मुलायम और हल्की ऊन के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यह ऊन न सिर्फ गर्म होती है बल्कि पहनने में भी बहुत आरामदायक होती है। सबसे खास बात यह है कि अंगोरा ऊन निकालने की प्रक्रिया आसान, सुरक्षित और रिलैक्सिंग होती है, जिससे खरगोश को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि आरामदायक ओर सुकून भरा तरीका होता है
अंगोरा खरगोश क्या होता है?
अंगोरा एक खास नस्ल का खरगोश होता है, जिसके शरीर पर बहुत घने और लंबे बाल होते हैं। यही बाल आगे चलकर प्रीमियम अंगोरा ऊन बनते हैं। इसकी ऊन इतनी नरम होती है कि इसे दुनिया की सबसे मुलायम प्राकृतिक ऊन में गिना जाता है।
अंगोरा ऊन बनाने की आसान प्रक्रिया
1. खरगोश की सही देखभाल
ऊन निकालने से पहले खरगोश को शांत और आरामदायक माहौल में रखा जाता है। उसे धीरे-धीरे सहलाया जाता है ताकि वह स्ट्रेस-फ्री रहे।
2. हल्की कंघी या हाथ से ऊन निकालना
अधिकतर मामलों में ऊन को कंघी करके या हाथ से धीरे-धीरे निकाला जाता है। यह प्रक्रिया बिल्कुल दर्दरहित होती है और कई बार खरगोश को इसमें मज़ा भी आता है।
3. ऊन की सफाई
निकाली गई ऊन को धूल-मिट्टी से साफ किया जाता है। इसके बाद इसे हल्के पानी से धोकर सुखाया जाता है।
4. ऊन को छांटना और तैयार करना
सुखाने के बाद ऊन को उसकी क्वालिटी के अनुसार अलग-अलग किया जाता है और फिर धागा बनाने के लिए तैयार किया जाता है।
क्यों कहलाती है यह प्रक्रिया रिलैक्सिंग?
- खरगोश को कोई चोट नहीं लगती
- धीमी और शांत प्रक्रिया होती है
- देखने में बेहद संतोषजनक और सुकून देने वाली
- जानवर और इंसान दोनों के लिए आरामदायक
अंगोरा ऊन के फायदे
- बेहद मुलायम और हल्की
- सामान्य ऊन से ज़्यादा गर्म
- त्वचा पर जलन नहीं करती
- प्रीमियम कपड़ों में इस्तेमाल
निष्कर्ष
अंगोरा खरगोश से ऊन बनाने की प्रक्रिया न सिर्फ आसान है बल्कि पूरी तरह से सुरक्षित और रिलैक्सिंग भी है। सही देखभाल और सही तरीके से की गई यह प्रक्रिया हमें एक बेहद कीमती और प्राकृतिक ऊन देती है, जो आराम और गुणवत्ता दोनों में बेमिसाल है।