क्या होगा जब एक बड़े जहाज का प्रोपेलर टूट जाए? | Ship Propeller Failure & Dead Condition at Sea

समुद्र के बीच चलते एक विशाल जहाज की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति उसका प्रोपेलर होता है। यही प्रोपेलर जहाज को आगे बढ़ाता है और दिशा नियंत्रण में मदद करता है। लेकिन सोचिए, अगर खुले समुद्र में अचानक किसी बड़े जहाज का प्रोपेलर टूट जाए, तो क्या होगा? ऐसी स्थिति को समुद्री भाषा में Dead Condition at Sea कहा जाता है।

जहाज का प्रोपेलर क्या होता है और क्यों जरूरी है?

प्रोपेलर एक विशाल धातु का पंखा होता है जो इंजन की ताकत को पानी में धक्का देकर जहाज को आगे बढ़ाता है।
इसके बिना:

  • जहाज की गति रुक जाती है
  • दिशा नियंत्रण खत्म हो जाता है
  • जहाज लहरों के भरोसे बहने लगता है

प्रोपेलर टूटने के मुख्य कारण

  1. अत्यधिक कंपन (Vibration) – लगातार असंतुलन से धातु कमजोर हो जाती है
  2. धातु की थकान (Metal Fatigue)
  3. समुद्र के नीचे चट्टान या मलबे से टकराव
  4. गलत मेंटेनेंस या जंग (Corrosion)
  5. तेज तूफान और भारी लहरें

प्रोपेलर टूटते ही क्या होता है?

जैसे ही प्रोपेलर टूटता है:

  • तेज कंपन पूरे जहाज में फैल जाता है
  • इंजन को तुरंत बंद करना पड़ता है
  • जहाज की गति पूरी तरह खत्म हो जाती है
  • जहाज समुद्र में बहने लगता है
  • यह स्थिति “Dead Ship Condition” कहलाती है

Dead Condition at Sea कितनी खतरनाक है?

यह स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है क्योंकि:

  • जहाज चट्टानों या दूसरे जहाजों से टकरा सकता है
  • तूफान में जहाज पलटने का खतरा बढ़ जाता है
  • पानी भरने पर जहाज डूब भी सकता है
  • क्रू और कार्गो दोनों खतरे में आ जाते हैं

ऐसी स्थिति में क्रू क्या करता है?

  • तुरंत इमरजेंसी अलार्म बजाया जाता है
  • एंकर डालकर जहाज को रोकने की कोशिश की जाती है
  • पास के जहाजों और कोस्ट गार्ड को सिग्नल भेजा जाता है
  • टोइंग शिप (Tug Boat) की मदद ली जाती है

क्या जहाज डूब सकता है?

अगर प्रोपेलर टूटने से हुल (Hull) में दरार आ जाए और पानी तेजी से भरने लगे, तो जहाज के डूबने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि आधुनिक जहाजों में सुरक्षा सिस्टम होते हैं, फिर भी जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता।

निष्कर्ष

एक बड़े जहाज का प्रोपेलर टूटना कोई छोटी घटना नहीं है। यह जहाज को पूरी तरह असहाय बना देता है। इसी कारण समुद्री इंजीनियरिंग में प्रोपेलर की नियमित जांच, संतुलन और मेंटेनेंस को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है।

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