पुराने समय में जब न मोबाइल था, न ईमेल, न कोई डिजिटल सुरक्षा—तब लोगों के संदेशों की सुरक्षा सिर्फ एक छोटी सी लाल मोहर के भरोसे रहती थी। इसी मोहर को कहा जाता है Wax Seal। यह एक ऐसा सुरक्षा तरीका था जो न केवल चिट्ठी को सुरक्षित रखता था, बल्कि यह भी बताता था कि संदेश असली है या बीच में किसी ने उसमें छेड़छाड़ की है।
1. Wax Seal चिट्ठियों की पहली सुरक्षा थी
लोग चिट्ठी भेजने से पहले उसके फ्लैप को मोम से चिपकाते थे। फिर उस पिघली हुई मोम पर एक खास मुहर (Stamp) दबाकर एक अनोखा निशान बनाया जाता था।
अगर किसी ने चिट्ठी खोलने की कोशिश की… तो मोहर टूट जाती थी।
यानी सामने वाले को तुरंत पता चल जाता कि किसी intruder ने बीच में पत्र खोला है।
2. Privacy का पुराना तरीका — बिना पासवर्ड, बिना लॉक
आज हम अपने मोबाइल में password, OTP या fingerprint लगाते हैं।
पुराने समय में Wax Seal उसी password जैसी security देता था।
लोगों को भरोसा होता था कि जब तक मोहर सही है, चिट्ठी किसी ने नहीं खोली।
3. Intruder Alert System — मोहर टूटे तो शक पक्का
अगर Wax Seal जरा भी टूटी मिले…
तो इसका मतलब सीधा था:
किसी ने पत्र खोला है।
यह एक तरह से intruder alert system था जो बताता था कि रास्ते में कोई तीसरा व्यक्ति संदेश पढ़ चुका है।
4. Authenticity — असली संदेश का प्रमाण
हर राजा, व्यापारी, सैनिक या अधिकारी की अपनी अलग स्टाम्प मोहर होती थी।
अगर चिट्ठी पर वही मोहर लगी हो तो इसका मतलब होता था:
यह संदेश असली है।
अगर मोहर नकली हो, तो संदेश भी नकली माना जाता था।
5. Royal Letters में तो Wax Seal कानून जैसी थी
कई साम्राज्यों में wax seal तोड़ना अपराध माना जाता था।
क्योंकि इसे छेड़ना यानी राज के आदेश में छेड़छाड़ करना।
इससे चिट्ठियों की गोपनीयता सुनिश्चित रहती थी।
6. Business और Trade में भी इसकी जरूरत जरूरी थी
व्यापारी बड़े-बड़े सौदों, रकम, माल और व्यापारिक दस्तावेज़ इसी wax seal के साथ भेजते थे।
क्योंकि यह सुनिश्चित करता था कि माल के कागज़ात असली हैं।
7. Wax Seal की खास बातें
- हर व्यक्ति का अलग seal design
- खोलते ही टूट जाता
- नकली बनाना मुश्किल
- आग या पानी से बचा रहता
8. आज भी Wax Seal क्यों उपयोग होता है?
आज भी wedding invitations, luxury brands, certificates, legal papers और premium letters में wax seal उपयोग की जाती है।
यह एक royal और premium touch भी देती है।