चीन अपनी स्मार्ट तकनीकों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इन्हीं में से एक है वैक्यूम और कंप्रेशन तकनीक, जिसकी मदद से बड़े-बड़े फर्नीचर जैसे सोफ़ा, मैट्रेस और कुसन को इतने छोटे आकार में बदल दिया जाता है कि वे एक छोटे कार्डबोर्ड बॉक्स में भी आसानी से पैक होकर आ जाते हैं।
1. सबसे पहले फर्नीचर का वैक्यूम प्रोसेस
सोफ़ा या मैट्रेस को एक बड़ी वैक्यूम मशीन के अंदर रखा जाता है। यह मशीन अंदर की सारी हवा को खींच लेती है।
जैसे ही हवा निकलती है—
- मैट्रेस पतला होने लगता है
- कुसन सिकुड़ जाते हैं
- स्पंज 80% तक छोटा हो जाता है
यह चरण सबसे महत्वपूर्ण होता है क्योंकि हवा ही सबसे ज्यादा जगह लेती है।
2. हाई-प्रेशर कंप्रेशन मशीन
अगले स्टेप में एक हाई-प्रेशर कंप्रेसर फर्नीचर को ऊपर, नीचे और चारों तरफ से जोर से दबाता है।
इससे:
- 8–10 इंच का मैट्रेस केवल 1–2 इंच तक रह जाता है
- सोफ़ा के पार्ट्स बहुत कम जगह घेरते हैं
- कुशन 5–6 गुना छोटे हो जाते हैं
यही वजह है कि बड़े फर्नीचर को छोटे पैक में भेजा जा सकता है।
3. मजबूत प्लास्टिक में हीट सीलिंग
कंप्रेस्ड फर्नीचर को एयरटाइट रखने के लिए इसे
- मोटे प्लास्टिक बैग में डाला जाता है
- फिर हीट सीलिंग मशीन से बंद किया जाता है
हीट सीलिंग पैक को हवा से 100% सुरक्षित बनाती है ताकि ट्रांसपोर्ट के दौरान आकार न बढ़े।
4. छोटे बॉक्स में पैकिंग और आसान शिपिंग
अब जब फर्नीचर इतना कॉम्पैक्ट हो जाता है, तो उसे आसानी से एक छोटे से डिब्बे में पैक कर दिया जाता है।
इससे फायदा यह होता है:
- कंटेनर में ज्यादा सामान फिट होता है
- शिपिंग कॉस्ट कम होती है
- ट्रांसपोर्ट आसान होता है
चीन इसी तकनीक की वजह से shipping cost में 50–70% तक की बचत कर लेता है।
5. ग्राहक के लिए भी फायदेमंद तकनीक
जब यह पैक आपके घर पहुँचता है, तो बस बॉक्स खोलिए…
जैसे ही आप उसका पैक काटते हैं, हवा अंदर जाते ही मैट्रेस या कुसन अपना पूरा आकार वापस ले लेते हैं।
यह एक बेहद ही स्मार्ट और तेज़ तरीका है, जो आज दुनिया की कई कंपनियाँ सीख रही हैं।