उत्तर चीन (Northern China) की सर्दियाँ बेहद कठोर होती हैं। यहाँ का तापमान कई बार शून्य से भी नीचे चला जाता है। ऐसे मौसम में लोगों ने सैकड़ों साल पहले एक अनोखा तरीका खोजा था जिसे कहते हैं – कांग बेड (Kang Bed Heating System)। यह न सिर्फ बिस्तर को गर्म करता है बल्कि पूरे कमरे को भी आरामदायक बना देता है।
कांग बेड क्या है?
कांग बेड एक मोटा प्लेटफ़ॉर्म होता है जो मिट्टी, ईंट या कंक्रीट से बनाया जाता है। यह प्लेटफ़ॉर्म कमरे के अंदर बना होता है और इतना चौड़ा होता है कि उस पर आराम से बैठा या लेटा जा सके। ऊपर लोग गद्दे और कंबल बिछाकर इसे सामान्य बिस्तर की तरह इस्तेमाल करते हैं।
यह कैसे काम करता है?
कांग बेड की सबसे खास बात इसका हीटिंग सिस्टम है।
- इसके नीचे लकड़ी, कोयला या भूसा जलाने की जगह बनाई जाती है।
- आग से निकलने वाली गर्म हवा और धुआँ चिमनी जैसी सुरंगों से होकर पूरे बेड के नीचे फैलता है।
- इससे बेड गरम हो जाता है और उसकी गर्मी धीरे-धीरे पूरे कमरे में फैल जाती है।
यानी सोते समय शरीर को सीधे गर्माहट मिलती है और साथ ही ठंड से बचाव भी होता है।
कांग बेड क्यों खास है?
- दोहरा फायदा – यह बिस्तर और कमरा दोनों को गरम करता है।
- किफायती तरीका – महंगे हीटिंग सिस्टम की जगह ग्रामीण इलाकों में सस्ता और आसान विकल्प।
- लंबे समय तक गर्माहट – एक बार आग जलने के बाद बेड देर तक गरम रहता है।
- परंपरा और संस्कृति – यह सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि चीनी संस्कृति का हिस्सा है।
इतिहास और परंपरा
कांग बेड का उपयोग चीन में कम से कम 2000 सालों से हो रहा है। पुराने जमाने में यह गाँवों और कस्बों के लगभग हर घर में पाया जाता था। माना जाता है कि यह चीनी वास्तुकला का अभिन्न हिस्सा रहा है।
आज भी चीन के उत्तरी इलाकों और ग्रामीण घरों में कांग बेड आमतौर पर देखने को मिलता है।
आधुनिक बदलाव
आजकल कई जगहों पर कांग बेड को गैस पाइपलाइन या इलेक्ट्रिक हीटिंग सिस्टम से जोड़ दिया गया है। इससे यह और सुरक्षित और आसान हो गया है। हालांकि, पारंपरिक तरीके से जलाए जाने वाले कांग बेड की लोकप्रियता अभी भी बनी हुई है।
निष्कर्ष
कांग बेड चीन के लोगों की सदियों पुरानी बुद्धिमानी और तकनीकी समझ का एक उदाहरण है। यह दिखाता है कि किस तरह लोग प्रकृति और पर्यावरण के हिसाब से अपनी जीवनशैली को ढालते हैं। सर्दियों में यह बेड सिर्फ गर्माहट ही नहीं देता बल्कि एक सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी पहचाना जाता है।