Skydiving में अगर पैराशूट न खुले तो क्या होगा? | What If Parachute Fails in Skydiving?

स्काइडाइविंग उन खेलों में से है जो लोगों को रोमांच और डर दोनों का अनुभव कराता है। हजारों फीट ऊपर से जब कोई इंसान हवा में कूदता है तो देखने वालों के मन में यही सवाल उठता है – “अगर पैराशूट न खुले तो क्या होगा?”

स्काइडाइविंग में पैराशूट का रोल

पैराशूट स्काइडाइविंग का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह फ्री-फॉल की स्पीड को कम करता है और सुरक्षित लैंडिंग कराता है। लेकिन कई बार लोगों को यह डर सताता है कि कहीं पैराशूट फेल न हो जाए।

डबल सेफ्टी सिस्टम

असलियत यह है कि स्काइडाइविंग में सिर्फ एक नहीं बल्कि दो पैराशूट होते हैं:

  1. मेन पैराशूट (Main Parachute) – सबसे पहले खुलने वाला पैराशूट।
  2. रिज़र्व पैराशूट (Reserve Parachute) – अगर मेन पैराशूट न खुले तो तुरंत इस्तेमाल किया जाता है।

AAD (Automatic Activation Device)

आधुनिक स्काइडाइविंग में AAD डिवाइस लगाया जाता है। यह डिवाइस खुद-ब-खुद रिज़र्व पैराशूट खोल देता है अगर स्काइडाइवर समय पर प्रतिक्रिया न कर पाए।

हादसों की संभावना

पैराशूट न खुलने का डर असली है, लेकिन तकनीक और ट्रेनिंग के कारण हादसे की संभावना बहुत कम हो गई है। रिसर्च के अनुसार, स्काइडाइविंग में मौत की संभावना लगभग 1 लाख जंप में 1 होती है।

अगर दोनों पैराशूट न खुलें तो?

यह स्थिति बेहद दुर्लभ है। लेकिन अगर ऐसा हो जाए तो स्काइडाइवर को स्प्रेड पोज़िशन में आकर स्पीड कम करने की कोशिश करनी पड़ती है ताकि लैंडिंग थोड़ी सुरक्षित हो। फिर भी ऐसी घटना अक्सर मौत या गंभीर चोट का कारण बन सकती है।

निष्कर्ष

स्काइडाइविंग रोमांचक है और आधुनिक तकनीक ने इसे बेहद सुरक्षित बना दिया है। हालांकि डर स्वाभाविक है, लेकिन डबल सेफ्टी सिस्टम और AAD जैसे डिवाइस की वजह से आज स्काइडाइविंग को लगभग सुरक्षित एडवेंचर स्पोर्ट माना जाता है।

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