दालचीनी कैसे बनती है? | Cinnamon Making Process from Tree to मसाला Pack

दालचीनी (Cinnamon) एक लोकप्रिय मसाला है, जिसका इस्तेमाल चाय, मिठाई, और कई तरह की सब्ज़ियों में किया जाता है। इसकी मीठी और तीखी सुगंध हर किसी को भा जाती है। लेकिन क्या आपने सोचा है कि यह साधारण-सी छाल पेड़ से निकलकर हमारे किचन तक कैसे पहुँचती है?

पेड़ से छाल निकालने की प्रक्रिया

  1. दालचीनी Cinnamomum प्रजाति के पेड़ से प्राप्त होती है।
  2. लगभग 2-3 साल पुराने पेड़ों की टहनियों को काटा जाता है।
  3. शाखाओं से मोटी बाहरी छाल हटाकर केवल भीतरी पतली छाल ली जाती है।
  4. यही पतली छाल असली दालचीनी कहलाती है।

सुखाने और रोल बनाने की प्रक्रिया

  • पतली छाल को धूप में सुखाया जाता है
  • सुखने पर ये छाल स्वाभाविक रूप से मुड़कर रोल (quills) के रूप में बन जाती है।
  • यही रोल बाद में पैकेजिंग या पाउडर बनाने के लिए भेजे जाते हैं।

फैक्ट्री में प्रोसेसिंग

  • सुखी हुई दालचीनी को ग्रेडिंग मशीन से गुज़ारा जाता है।
  • अलग-अलग क्वालिटी और आकार की छाल अलग की जाती है।
  • कुछ दालचीनी को रोल्स (sticks) की तरह पैक किया जाता है, जबकि कुछ को पाउडर में पीसकर बेचा जाता है।

पैकिंग और बाज़ार तक सफर

  • दालचीनी को एयरटाइट पैकिंग में रखा जाता है ताकि इसकी खुशबू और स्वाद लंबे समय तक सुरक्षित रहे।
  • इसके बाद यह हमारे घर तक पहुँचती है और मसालों की दुनिया में अपनी खास जगह बनाती है।

मजेदार तथ्य

  • असली दालचीनी (Ceylon Cinnamon) हल्की और मीठी होती है।
  • जबकि Cassia Cinnamon थोड़ी कड़वी और बाज़ार में ज़्यादा उपलब्ध होती है।

निष्कर्ष

पेड़ से मसाला बनने तक दालचीनी की यह यात्रा वाकई अद्भुत है। अगली बार जब आप चाय में दालचीनी डालें, तो याद रखिए कि इसकी हर एक डंडी ने पेड़ से आपके कप तक एक लंबा सफर तय किया है।

Leave a Comment